डायग्राम के साथ स्टार टोपोलॉजी (Star Topology with Diagram)

Nageshwar Das
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स्टार टोपोलॉजी: केंद्रीय हब के साथ नेटवर्किंग की रीढ़


प्रस्तावना

डायग्राम के साथ स्टार टोपोलॉजी (Star Topology with Diagram) यह कंप्यूटर नेटवर्क डिज़ाइन का एक प्रकार है, जिसमें सभी डिवाइस (नोड्स) एक केंद्रीय हब (Hub) या स्विच (Switch) से जुड़े होते हैं। यह आधुनिक लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली टोपोलॉजी है, जो सरलता, विश्वसनीयता, और प्रबंधन में आसानी के लिए जानी जाती है। घरों, ऑफिसों, और साइबर कैफे में वाई-फाई राउटर इसका सबसे सामान्य उदाहरण है।


स्टार टोपोलॉजी की विशेषताएँ

  1. केंद्रीय हब: सभी डिवाइस हब से जुड़े होते हैं, जो डेटा ट्रैफिक को नियंत्रित करता है।
  2. प्वाइंट-टू-प्वाइंट कनेक्शन: हर नोड और हब के बीच अलग केबल लिंक।
  3. फॉल्ट आइसोलेशन: एक डिवाइस की खराबी से पूरा नेटवर्क प्रभावित नहीं होता।
  4. स्केलेबिलिटी: नए डिवाइस आसानी से जोड़े जा सकते हैं।

स्टार टोपोलॉजी का चित्र (Diagram)

          [हब/स्विच]  
             / | \  
            /  |  \  
           /   |   \  
      [PC1] [PC2] [PC3]  

व्याख्या:

  • केंद्र में हब/स्विच सभी कनेक्शनों का मुख्य बिंदु है।
  • प्रत्येक कंप्यूटर (PC1, PC2, PC3) हब से अलग केबल द्वारा जुड़ा है।
  • डेटा ट्रांसमिशन के लिए हब मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभाता है।

कार्य प्रणाली

  1. डेटा ट्रांसमिशन: जब PC1, PC2 को डेटा भेजता है, तो वह पहले हब को भेजता है।
  2. हब की भूमिका: हब डेटा को PC2 तक पहुँचाता है। अगर हब "स्विच" है, तो वह डेटा सीधे गंतव्य तक भेजता है।
  3. ब्रॉडकास्टिंग: अगर हब "ब्रॉडकास्ट" करता है, तो सभी नोड्स को डेटा भेजा जाता है, लेकिन केवल लक्षित नोड इसे स्वीकार करता है।

स्टार टोपोलॉजी के लाभ

  • आसान ट्रबलशूटिंग: खराबी का पता लगाना आसान (जैसे—टूटा केबल या डिवाइस)।
  • नेटवर्क प्रबंधन: हब के माध्यम से ट्रैफिक मॉनिटर करना सरल।
  • सुरक्षा: हब फायरवॉल या एन्क्रिप्शन लगाकर नेटवर्क सुरक्षित कर सकता है।
  • उच्च गति: स्विच्ड स्टार टोपोलॉजी में डेटा ट्रांसफर तेज होता है।

सीमाएँ और चुनौतियाँ

  1. केंद्रीय हब पर निर्भरता: हब के फेल होने पर पूरा नेटवर्क डाउन हो जाता है।
  2. उच्च लागत: हर नोड के लिए अलग केबल और हब की आवश्यकता।
  3. सीमित केबल लंबाई: हब से नोड्स की दूरी बढ़ने पर सिग्नल कमजोर होता है।

वास्तविक उदाहरण

  1. ऑफिस नेटवर्क: सभी कंप्यूटर एक सेंट्रल स्विच से जुड़े होते हैं।
  2. वाई-फाई नेटवर्क: राउटर (हब) से मोबाइल, लैपटॉप, और स्मार्ट टीवी जुड़े होते हैं।
  3. स्कूल लैब: शिक्षक का कंप्यूटर (सर्वर) सभी छात्रों के PC को नियंत्रित करता है।

तुलना: स्टार vs बस vs रिंग टोपोलॉजी

पैमानास्टारबसरिंग
केंद्रीय नियंत्रणहब/स्विचकोई नहींकोई नहीं
फॉल्ट टॉलरेंसउच्च (हब के अलावा)निम्न (मुख्य केबल टूटने पर)मध्यम (एक नोड टूटने पर)
लागतउच्चनिम्नमध्यम

आधुनिक अनुप्रयोग और भविष्य

  1. इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT): स्मार्ट घरों में सेंसर और डिवाइस एक वायरलेस हब (राउटर) से जुड़ते हैं।
  2. क्लाउड कंप्यूटिंग: डेटा सेंटरों में सर्वर स्टार टोपोलॉजी में जुड़े होते हैं।
  3. 5G नेटवर्क: सेल टावर्स एक केंद्रीय नियंत्रक के साथ स्टार आकार में काम करते हैं।

स्टार टोपोलॉजी सेटअप के टिप्स

  • हब/स्विच चुनें: नेटवर्क के आकार के अनुसार पोर्ट्स की संख्या तय करें।
  • क्वालिटी केबल्स: ईथरनेट केबल CAT6 या उच्चतम उपयोग करें।
  • बैकअप प्लान: हब के फेल होने की स्थिति में अतिरिक्त स्विच रखें।

निष्कर्ष

स्टार टोपोलॉजी अपनी सरलता और विश्वसनीयता के कारण आज भी प्रासंगिक है। हालाँकि, क्लाउड और वायरलेस टेक्नोलॉजी के युग में इसके स्वरूप में बदलाव आया है, लेकिन मूल सिद्धांत वही रहा है—एक केंद्र के इर्द-गिर्द नेटवर्क का निर्माण। छोटे से लेकर मध्यम नेटवर्क्स के लिए यह टोपोलॉजी सबसे उपयुक्त विकल्प बनी हुई है।

डायग्राम के साथ स्टार टोपोलॉजी (Star Topology with Diagram)
डायग्राम के साथ स्टार टोपोलॉजी (Star Topology with Diagram)



लेख की विशेषता: यह लेख स्टार टोपोलॉजी के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं को हिंदी में सरलता से समझाता है। चित्र, तुलनात्मक विश्लेषण, और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से जटिल अवधारणाओं को स्पष्ट किया गया है।

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